मंडला। आयुषी ज्वेलर्स से दो करोड़ से ज्यादा की लूट की वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्यप्रदेश पुलिस ने गुरुवार देर रात बिहार के मुजफ्फरपुर में दबिश देकर इस केस के मास्टरमाइंड मो. खालिद समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। टीम ने सदर, बरूराज और पारू थाना क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस ने खालिद की कार और सभी के मोबाइल भी जब्त कर लिए हैं। बरामद जेवर की तलाश में पांच विशेष टीमें दबिश दे रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में बरूराज का मो. खालिद, सदर थाना क्षेत्र का शशि कुमार और पारू का कृष्णा कुमार सिंह शामिल हैं। खालिद की गिरफ्तारी के बाद बाकी आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। पूछताछ में पता चला कि 55 वर्षीय खालिद ने न केवल बिहार बल्कि मध्यप्रदेश के कई अपराधियों को भी इस लूट में शामिल किया था। पुलिस ने अब कई अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है।
कृष्णा ने कबूला– विरोध करने पर चलाया था गोली
पूछताछ में कृष्णा कुमार सिंह ने स्वीकार किया कि लूट के दौरान जब आयुष ने प्रतिरोध किया, तो उसने ही गोली चलाई। खालिद ने उसे बताया था कि मंडला की दुकान में दो से ढाई किलो सोना रखा रहता है और यह “बड़ा काम” है, जिससे ज़िंदगी बदल जाएगी। 17 नवंबर को खालिद, शशि और कृष्णा कार से कटनी और जबलपुर होते हुए मंडला पहुंचे और वहां स्थानीय अपराधियों से संपर्क किया।
वारदात का तरीका
20 नवंबर की शाम जब दुकान बंद हो रही थी, तब तीन हथियारबंद बदमाश कार से उतरे। उन्होंने कर्मचारी बॉबी यादव को पिस्टल दिखाकर बैग छीन लिया। दुकान में घुसे अपराधी ने आयुष से आभूषण निकालने को कहा, लेकिन विरोध पर उसने आयुष के पैर में गोली मार दी। इसके बाद आरोपी बैग लेकर कार से फरार हो गए।
घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन और टोल प्लाजा की रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने अपराधियों की दोनों कारों की पहचान की। इसी सुराग ने पुलिस को मास्टरमाइंड तक पहुंचाया। फिलहाल तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेने की प्रक्रिया चल रही है।




