इंदौर। सोमवार रात ट्रैफिक चेकिंग के दौरान एसीपी करण दीप सिंह ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी को रोका, जिस पर लाल बत्ती लगी हुई थी। जांच के दौरान वाहन चालक कोई उचित दस्तावेज या अनुमति नहीं दिखा सका, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत लाल बत्ती हटवा दी और चालान काटने के बाद उसे छोड़ दिया। चेकिंग अभियान के दौरान एसीपी आजाद नगर इलाके में गश्त कर रहे थे, जब उन्होंने संदिग्ध वाहन को रोका। यह गाड़ी निजी थी, लेकिन उस पर सरकारी उपयोग में आने वाली लाल बत्ती लगी थी। जब चालक हर्ष (निवासी धार) से इस बारे में पूछताछ की गई, तो वह कोई वैध अनुमति नहीं दिखा पाया। इसके बाद पुलिस ने नियमों के तहत लाल बत्ती हटाने के निर्देश दिए। चेकिंग के दौरान चालक हर्ष की शराब सेवन की जांच भी की गई, जिसमें वह सही पाया गया। इसके बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इसी अभियान के तहत पुलिस ने शराब सेवन कर वाहन चलाने के मामलों में 5 अन्य गाड़ियों पर भी चालानी कार्रवाई की। इससे एक दिन पहले, तेजाजी नगर में चेकिंग के दौरान एक इंडेवर कार पर अवैध रूप से लगाया गया सायरन हटवाया गया था। यह गाड़ी मोनू खत्री चला रहा था, जो खुद को एक विधायक का रिश्तेदार बता रहा था। हालांकि, एसीपी करण दीप सिंह ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन नियमों का पालन करते हुए सायरन हटवाने के बाद मोनू को समझाइश देकर छोड़ दिया गया। पुलिस का यह अभियान अवैध रूप से सरकारी प्रतीकों और सायरनों का दुरुपयोग रोकने के लिए चलाया जा रहा है, जिससे नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इंदौर में एसीपी ने चेकिंग के दौरान लाल बत्ती लगी गाड़ी रोकी, मौके पर हटवाई




