माधबी के खिलाफ मामला होगा दर्ज

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मुंबई। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की पहली महिला अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने 1 मार्च 2022 को यह पद संभाला था। माधबी पुरी बुच का कार्यकाल 28 फरवरी को पूरा हुआ है और उनकी जगह तुहिन कांत पांडे को नया सेबी चेयरपर्सन बनाया गया है। कार्यकाल पूरा होते ही माधबी पुरी बुच पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश हुए हैं। मुंबई की एसीबी अदालत ने पूर्व सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और पांच अन्य के खिलाफ कथित शेयर बाजार धोखाधड़ी और नियामक उल्लंघनों के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। माधबी पुरी का जन्म 1965 में मुंबई में हुआ था। उनके पिता एक बिजनेसमैन थे और उनकी मां राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट थीं। माधबी की शुरुआती पढ़ाई फोर्ट कॉन्वेंट स्कूल, मुंबई से हुई। इसके बाद उनका परिवार दिल्ली आ गया, जिसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई दिल्ली से पूरी की। माधबी पुरी बुच ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से मैथ्स में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री ली। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1989 में आईसीआईसीआई बैंक से की, जहां उन्होंने इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में काम किया था बाद में माधबी आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की एमडी और सीईओ भी बनीं। माधबी ने आईसीआईसीआई के अलावा ग्रेटर पैसिफिक कैपिटल, सिंगापुर की भी बागडोर संभाली। ब्रिक्स समूह द्वारा स्थापित न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी), शंघाई में सलाहकार के रूप में भी काम किया। सेबी की अध्यक्ष बनने से पहले माधबी पुरी बुच 5 अप्रैल 2017 से 4 अक्टूबर 2021 तक सेबी की होल टाइम मेंबर थीं। इस दौरान उन्होंने मॉनिटरिंग, म्यूचुअल फंड, सामूहिक निवेश योजनाएं और बाजार नियमन जैसे प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी संभाली। उन्हें अजय त्यागी की जगह सेबी का चेयरपर्सन नियुक्त किया था। इस दौरान उन्होंने बाजार की मॉनिटरिंग, निवेशक शिक्षा, आर्थिक नीतियों और सूचना प्रौद्योगिकी विभागों की अगुवाई की। माधबी अगोरा एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड की इनक्यूबेशन फर्म की संस्थापक-निदेशक भी हैं। अब उन पर हुई एफआईआर के बाद वह काफी चर्चा में हैं।

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