नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण से जुड़े कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड और कर्नाटक सरकारों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये कानून अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता और इंटरफेथ विवाह को बाधित करते हैं। उन्होंने खासतौर पर यूपी में 2024 में किए गए संशोधन का जिक्र किया, जिसमें सजा 20 साल से आजीवन कारावास तक कर दी गई और जमानत की शर्तें कठोर की गईं। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनकर अगली सुनवाई छह हफ्ते बाद तय की है।
धर्मांतरण कानून पर सुप्रीम कोर्ट का 8 राज्यों को नोटिस




