ग्वालियर। मोबाइल पर आए ऑनलाइन गेम के लिंक पर भरोसा करना एक बर्तन कारोबारी के परिवार को भारी पड़ गया। ग्वालियर में बर्तन कारोबारी की पत्नी ने पहले छोटे मुनाफे के लालच में गेम में पैसा लगाया और देखते ही देखते दो महीने में पति के साथ मिलकर करीब 60 लाख रुपए गंवा दिए। मामला 3 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच का है।
बाड़ा के पास कसेरा ओली निवासी पीयूष गुप्ता बर्तन कारोबारी हैं। उनकी पत्नी आकांक्षा गुप्ता के मोबाइल पर 3 नवंबर को “इनवाइट गेम क्लब” नाम से एक लिंक आया था। लिंक खोलने पर एक वेबसाइट और टेलीग्राम चैनल दिखा, जिस पर करीब डेढ़ लाख फॉलोअर्स थे। भरोसा बढ़ाने के लिए गेम में निवेश कर मुनाफे का दावा किया गया।
आकांक्षा ने शुरुआत में 10 हजार रुपए लगाने की कोशिश की, लेकिन गलती से 1 लाख रुपए ट्रांसफर हो गए। घबराने पर सामने से भरोसा दिलाया गया कि पूरा पैसा सुरक्षित है और वापस मिलेगा। इसके बाद उनसे 50 हजार रुपए और जमा कराए गए। कुछ समय बाद उनके खाते में 1 लाख 20 हजार रुपए लौट आए। यहीं से गेम खिलाने वालों पर उनका भरोसा मजबूत हो गया।
इसके बाद आकांक्षा लगातार गेम में पैसा लगाती रहीं। कुछ ही समय में 15 लाख रुपए फंस गए। जब उन्होंने पति पीयूष को इसकी जानकारी दी तो वे भी इस गेम में शामिल हो गए। दोनों पति-पत्नी ने मिलकर करीब दो महीने में लगभग 60 लाख रुपए ऑनलाइन गेम में लगा दिए।
बाद में जब उन्हें एहसास हुआ कि अब लगाया गया पैसा वापस नहीं मिलने वाला है, तब वे कोतवाली थाने पहुंचे और साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच खुद थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा कर रही हैं।
थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि मोबाइल पर गेम खेलकर पैसे कमाने के लालच में 60 लाख रुपए की ठगी हुई है। यह साइबर फ्रॉड का मामला है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार लोगों को ऐसे ऑनलाइन गेम से दूर रहने की समझाइश देती है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग झांसे में आकर बड़ी रकम गंवा बैठते हैं।




