नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने 1 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 के बीच कुल 118 लापता व्यक्तियों—जिनमें 31 नाबालिग (लापता/अपहृत) बच्चे और 87 वयस्क शामिल हैं—को ढूंढकर सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाया गया। वहीं, वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक (1 जनवरी से 28 फरवरी तक) कुल 193 लापता व्यक्तियों/बच्चों (59 नाबालिग और 134 वयस्क) को ट्रेस कर परिवारों से पुनर्मिलन कराया गया है। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलते ही स्थानीय थानों की टीमों ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।ऑटो, ई-रिक्शा, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर फोटो दिखाए गए। बस ड्राइवरों, कंडक्टरों और स्थानीय विक्रेताओं से पूछताछ की गई। स्थानीय मुखबिरों की मदद ली गई। आसपास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाले गए। इन समन्वित और त्वरित प्रयासों के चलते पुलिस को सफलता मिली। वसंत विहार थाने ने 9 लापता व्यक्तियों को ट्रेस किया। आरके पुरम थाना ने 1 नाबालिग लड़के समेत 7 लोगों को खोज निकाला। साउथ कैंपस थाना ने 2 नाबालिग लड़कियों और 1 वयस्क को बरामद किया। वसंत कुंज नॉर्थ और साउथ थानों ने मिलकर कई नाबालिग बच्चों सहित 18 से अधिक लोगों को ढूंढा। कापसहेड़ा थाना ने 9 नाबालिग बच्चों और 15 वयस्कों को ट्रेस किया। पालम विलेज, सागरपुर, दिल्ली कैंट, सरोजिनी नगर, एसजे एन्क्लेव और किशनगढ़ थानों ने भी कई मामलों में सफलता हासिल की। सभी बरामद व्यक्तियों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया। दक्षिण-पश्चिम जिला के पुलिस उपायुक्त अमित गाेयल (आईपीएस) ने कहा कि ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत टीमों ने संवेदनशीलता और पेशेवर दक्षता के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता हर लापता व्यक्ति को सुरक्षित घर पहुंचाना है। पुलिस के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि हर परिवार को अपने बिछड़े सदस्य से मिलाया जा सके।
ऑपरेशन मिलाप : दिल्ली पुलिस ने फरवरी में 118 लापता लोगों को उनके परिवार से मिलवाया




