रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम रेलवे स्टेशन पर बुधवार दोपहर एक महिला यात्री की जान कुछ ही सेकंड में बच गई। प्लेटफॉर्म नंबर चार पर चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच खतरनाक गैप में फंस गई। ट्रेन की रफ्तार बढ़ने लगी थी, लेकिन मौके पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों की सतर्कता और साहस से महज सात सेकंड में महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार यह घटना बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे की है। नई दिल्ली–मुंबई सेंट्रल स्पेशल ट्रेन (04002) कुछ समय के लिए रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर रुकी थी। महिला यात्री ट्रेन के एस-3 कोच में सफर कर रही थी। ट्रेन के ठहराव के दौरान वह अपना कुछ सामान लेने के लिए नीचे उतरी थी। इसी बीच ट्रेन के चलने की घोषणा हो गई और ट्रेन धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी। ट्रेन छूटती देख महिला ने जल्दबाजी में दौड़कर चढ़ने की कोशिश की। उसके आगे चल रहे दो यात्री तो किसी तरह कोच में चढ़ गए, लेकिन महिला का पैर पायदान से फिसल गया। वह ट्रेन के पायदान और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गई और घिसटती हुई आगे बढ़ने लगी। यह दृश्य देख वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन की गति धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी और महिला का शरीर पटरी की ओर खिंचने लगा था। कुछ ही सेकंड में यह स्थिति जानलेवा बन सकती थी। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोग चीख-पुकार करने लगे, लेकिन ट्रेन रुकने की स्थिति में नहीं थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवानों की नजर महिला पर पड़ी। आरपीएफ की तत्परता से बची महिला की जान मौके पर मौजूद आरपीएफ के हेड कांस्टेबल चंद्रकांत तिवारी, कांस्टेबल नरेंद्र राठौड़ और सब इंस्पेक्टर श्रद्धा ठाकुर ने बिना एक पल गंवाए तुरंत कार्रवाई की। हेड कांस्टेबल चंद्रकांत तिवारी ने तेजी से आगे बढ़ते हुए महिला का हाथ ट्रेन के हैंडल से छुड़वाया, जबकि नरेंद्र राठौड़ ने पूरी ताकत लगाकर उसे खींचकर प्लेटफॉर्म की ओर सुरक्षित निकाल लिया। सब इंस्पेक्टर श्रद्धा ठाकुर ने स्थिति को संभालते हुए अन्य यात्रियों को पीछे हटाया, ताकि रेस्क्यू में कोई बाधा न आए। करीब सात सेकंड के भीतर महिला को सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लाकर लिटा दिया गया। इसके बाद महिला को प्राथमिक सहायता दी गई। गनीमत रही कि महिला को गंभीर चोट नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित है। पूरी घटना स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे ट्रेन की रफ्तार बढ़ने के बावजूद आरपीएफ जवानों ने जान जोखिम में डालकर महिला को बचाया। रेलवे प्रशासन ने इस साहसिक कार्य की सराहना की है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि आरपीएफ जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे जान का खतरा रहता है। रेलवे प्रशासन ने आरपीएफ जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मानित करने के संकेत दिए हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि रेलवे सुरक्षा बल की मुस्तैदी और सजगता यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।




