नोएडा। खेलो इंडिया खेलों की तर्ज पर सेक्टर-123 में प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को प्राधिकरण ने खुद बनवाने का निर्णय लिया है। बजट और ड्राइंग को मंजूरी के लिए आईआईटी दिल्ली भेज दिया गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले एक साल से यह विचार चल रहा था कि परियोजना को पीपीपी मॉडल पर बनाया जाए या प्राधिकरण स्वयं निर्माण कराए, अब इस पर अंतिम फैसला ले लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार आईआईटी दिल्ली की मंजूरी के बाद फाइल प्राधिकरण की आंतरिक कमेटी के पास जाएगी। कमेटी से स्वीकृति मिलते ही टेंडर जारी कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि एक महीने के भीतर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। निर्माण पूरा होने के बाद संचालन किसी एजेंसी को सौंपा जाएगा।
करीब 26.65 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परिसर में सिंथेटिक ट्रैक, जेवलिन थ्रो ग्राउंड, स्विमिंग पूल, फुटबॉल ग्राउंड और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। साथ ही एक मल्टीपर्पज हॉल भी बनाया जाएगा।
कॉम्प्लेक्स में बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कुश्ती और अन्य इंडोर खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आउटडोर खेलों के लिए क्रिकेट ग्राउंड, वॉलीबॉल, कबड्डी, लॉन टेनिस, खो-खो और जेवलिन थ्रो जैसी व्यवस्थाएं होंगी। इसके अलावा जिमनास्टिक, लॉन्ग जंप, हाई जंप और 200 मीटर रेसिंग ट्रैक भी विकसित किया जाएगा।
वर्तमान में शहर में सेक्टर-21 ए स्थित स्टेडियम प्रमुख खेल केंद्र है, लेकिन वहां भीड़ अधिक होने से खिलाड़ियों को पर्याप्त समय और स्थान नहीं मिल पाता। नया कॉम्प्लेक्स बनने से सेक्टर-122, पर्थला, सेक्टर-119, सेक्टर-121, सर्फाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के खिलाड़ियों और स्थानीय निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना उभरते खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




