नोएडा। उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले नोएडा में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के सेक्टर-94 स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस में तैनात कर्मचारियों ने पैसे न मिलने पर परिजनों को शव से हाथ लगाने तक से मना कर दिया। हालात ऐसे बन गए कि मृतक का शव स्ट्रेचर न मिलने के कारण घंटों तक जमीन पर खुले में पड़ा रहा।
परिजनों का आरोप है कि कर्मचारियों ने साफ कह दिया कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक वे कोई मदद नहीं करेंगे। मजबूरी में परिजनों ने खुद ही शव को पैक किया और अंतिम प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों में भी आक्रोश देखने को मिला, लेकिन किसी अधिकारी ने मौके पर आकर स्थिति संभालने की जहमत नहीं उठाई।
इस पूरे घटनाक्रम ने नोएडा की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। साथ ही गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों का कहना है कि यदि पोस्टमॉर्टम हाउस जैसी जगह पर भी इंसानियत का यह हाल है, तो आम लोगों की सुनवाई आखिर कहां होगी।




