ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 स्थित एक मकान में कोचिंग सेंटर की आड़ में चल रहे धर्मांतरण रैकेट को लेकर पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क को मणिपुर से ऑपरेट किया जा रहा था और लोगों को सुख-समृद्धि, गरीबी दूर करने और रोग मुक्ति जैसे लुभावने दावों के जरिए मानसिक रूप से प्रभावित किया जाता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मकान के बेसमेंट में सप्ताह के दिनों में बच्चों को ट्यूशन और कोचिंग दी जाती थी ताकि किसी को शक न हो। लेकिन रविवार को यहां विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती थीं, जिन्हें ‘सीक्रेट मिशन’ का नाम दिया गया था। इन सभाओं में शामिल लोगों को आर्थिक तंगी, पारिवारिक परेशानियों और गंभीर बीमारियों से मुक्ति का वादा कर उनका माइंडवॉश किया जाता था।पुलिस ने मौके से छह बड़े कार्टन किताबें बरामद की हैं जिनमें से कई किताबें धर्म विशेष के प्रचार से जुड़ी बताई जा रही हैं। इस रैकेट का सबसे विचित्र और गंभीर पहलू कथित ‘पवित्रता प्रक्रिया’ बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों और चश्मदीदों के अनुसार, विशेष अनुष्ठानों के दौरान खासकर महिलाओं को भावनात्मक रूप से इतना प्रभावित किया जाता था कि वे सम्मोहित जैसी स्थिति में चली जाती थीं। इस मामले में पकड़े गए दोनों मुख्य आरोपी सुरेश और चंद्र किरण को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब उस मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसने यह बेसमेंट उपलब्ध कराया था। मकान मालिक खुद ईसाई बताया जा रहा है और किसी अन्य सोसाइटी में रहता है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या उसने जानबूझकर यह स्थान संदिग्ध गतिविधियों के लिए दिया था।
धर्मांतरण : कोचिंग की आड़ में होता था माइंडवॉश, आरोपी न्यायािक हिरासत में




