नई दिल्ली। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा आज यानी बुधवार को भारत लाया जा सकता है। अमेरिकी अदालत की सिफारिशों के अनुरूप, दिल्ली और मुंबई की दो जेलों में गुपचुप तरीके से विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। माना जा रहा है कि भारत लाए जाने के बाद राणा को शुरुआती कुछ हफ्तों तक एनआईए की हिरासत में रखा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने की है। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के अनुसार, तहव्वुर राणा और डेविड हेडली को वर्ष 2009 में एफबीआई ने डेनमार्क के एक अखबार पर हमला करने की साजिश और लश्कर को मदद देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 2019 में भारत सरकार ने राणा के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर अमेरिका को एक कूटनीतिक नोट सौंपा था। जून 2020 में भारत ने उसकी अस्थायी गिरफ्तारी के लिए औपचारिक शिकायत दर्ज की, जिससे प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो सके। इस साल फरवरी में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राणा के भारत प्रत्यर्पण की पुष्टि की थी और कहा था कि वह “भारत जाकर न्याय का सामना करेगा। राणा का प्रत्यर्पण भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और कानूनी जीत माना जा रहा है। 2019 से मोदी सरकार ने इसके लिए लगातार प्रयास किए थे। बता दें कि राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है और लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य रह चुका है। उसने अपने सहयोगी और पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी को भारत की यात्रा के लिए पासपोर्ट दिलवाया था। हेडली ने ही भारत में उन टारगेट की पहचान की थी, जिन पर नवंबर 2008 में लश्कर और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से आतंकी हमला हुआ।
26/11 का मास्टरमाइंड राणा आज लाया जा सकता है भारत, जेलों में सुरक्षा के हो रहे इंतजाम




