इंदौर। शहर के BRTS कॉरिडोर को हटाने की प्रक्रिया अब तेज होने जा रही है। नगर निगम ने BRTS की रैलिंग और बस स्टॉप तोड़ने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही कॉरिडोर में सेंटर डिवाइडर बनाने का काम भी अगले एक से दो दिन में शुरू होने की तैयारी है।
BRTS को लेकर हाईकोर्ट की लगातार फटकार के बाद नगर निगम ने यह कदम उठाया है। निगम ने इस काम के लिए दो अलग-अलग टेंडर निकाले हैं, एक रैलिंग तोड़ने के लिए और दूसरा बस स्टॉप हटाने के लिए। अधिकारियों का कहना है कि यदि तय समय में कोई ठेकेदार आगे नहीं आता, तो नगर निगम खुद यह काम शुरू कर सकता है।
अब तक BRTS हटाने का काम कई बार अटका है। पहले भी ठेकेदारों ने काम करने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते तय समयसीमा में काम पूरा नहीं हो सका। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर के मुताबिक, नए टेंडर जारी कर दिए गए हैं और दोनों कार्यों के लिए लगभग दो महीने का समय तय किया गया है। उन्होंने बताया कि BRTS के एक हिस्से की रैलिंग पहले ही हटाई जा चुकी है और अब दूसरे हिस्से को तोड़ने की तैयारी की जा रही है।
BRTS हटने के बाद सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सेंटर डिवाइडर बनाया जाएगा। इस परियोजना का भूमि पूजन पहले ही हो चुका है। राठौर ने बताया कि पहले चरण में सी-21 मॉल से निरंजनपुर चौराहे तक सेंटर डिवाइडर का निर्माण होगा। इसके बाद दूसरे चरण में राजीव गांधी चौराहे से नवलखा चौराहे तक काम किया जाएगा। पूरे कार्य को पूरा होने में करीब तीन महीने का समय लग सकता है।




