इंदौर। BRTS की रैलिंग और बस स्टॉप तोड़ने में देरी को लेकर नगर निगम को कोर्ट से फटकार लग चुकी है। कोर्ट के निर्देश के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू तो हुई, लेकिन ठेकेदार द्वारा काम बीच में छोड़ देने से प्रक्रिया अधूरी रह गई। शहर के कई हिस्सों में अब भी BRTS की रैलिंग और बस स्टॉप जस के तस खड़े हैं।
इनको हटाने के लिए नगर निगम ने दो अलग-अलग टेंडर जारी किए थे। रैलिंग को स्क्वेयर मीटर के आधार पर तोड़ने के लिए निकाले गए टेंडर में पांच ठेकेदारों ने रुचि दिखाई है, जबकि बस स्टॉप हटाने के लिए दस एजेंसियां सामने आई हैं। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि सोमवार को संबंधित फाइलें मंगवाई गई हैं और अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
नगर निगम अधिकारियों को पहले ही कोर्ट से सख्त टिप्पणी झेलनी पड़ी है। ऐसे में माना जा रहा है कि सोमवार को निर्णय के बाद निगम अपनी स्थिति कोर्ट के सामने स्पष्ट करेगा। रैलिंग और बस स्टॉप हटाने के बाद सड़क के बीच में नया डिवाइडर तैयार किया जाएगा। संभावना है कि यह कार्य भी समानांतर रूप से शुरू किया जाए, ताकि पूरे कॉरिडोर को व्यवस्थित रूप दिया जा सके।




