भोपाल। चर्चित 90 डिग्री ब्रिज मामले की सुनवाई में जबलपुर हाईकोर्ट में मैनिट की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें साफ हुआ कि ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी द्वारा दिए गए नक्शे के अनुसार ही पुल का निर्माण किया था। रिपोर्ट में पुल का एंगल 119 डिग्री बताया गया था, जबकि बन चुके पुल का एंगल 118 डिग्री से थोड़ा अधिक निकला। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने टिप्पणी की कि ठेकेदार को सजा नहीं बल्कि मेडल मिलना चाहिए। अदालत ने सरकार और पीडब्ल्यूडी से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
90 डिग्री ब्रिज केस में ठेकेदार पर कार्रवाई पर सवाल




