भारत और न्यूजीलैंड 25 साल बाद एक बार फिर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में आमने-सामने होंगे, जहां 9 मार्च को दुबई में खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। इससे पहले 2000 में नैरोबी में हुए फाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को आखिरी ओवर में 4 विकेट से हराया था। न्यूजीलैंड के पास लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में एकमात्र ICC खिताब चैंपियंस ट्रॉफी ही है। उस टूर्नामेंट में भारत ने केन्या, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि न्यूजीलैंड ने जिम्बाब्वे और पाकिस्तान को हराया था। फाइनल में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी, जहां भारत के लिए सौरव गांगुली ने 117 और सचिन तेंदुलकर ने 69 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज खास योगदान नहीं दे सके और टीम 264/6 तक ही पहुंच पाई। न्यूजीलैंड ने 132 पर 5 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन क्रिस कैर्न्स और क्रिस हैरिस की 122 रन की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। कैर्न्स ने शतक लगाकर 2 गेंद शेष रहते टीम को जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच बने। ICC टूर्नामेंट के नॉकआउट मैचों में न्यूजीलैंड भारत के लिए हमेशा मुश्किल बना है, जिसमें 2019 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल और 2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
“25 साल बाद फिर भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल! क्या बदलेगा चैंपियंस ट्रॉफी का इतिहास?”




