इंदौर। शहर में अनधिकृत रूप से खड़ी यात्री बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बसों की जब्ती भी शामिल होगी। इस अभियान को जिला प्रशासन, यातायात पुलिस, नगर निगम और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से संचालित करेंगे। इसके अलावा, अब शहर में बिना अनुमति के डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर का निर्माण नहीं किया जा सकेगा, जिसके लिए सड़क सुरक्षा समिति से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। यह निर्णय कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। उन्होंने शहर में अनियंत्रित रूप से खड़ी यात्री बसों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से सरवटे और गंगवाल बस स्टैंड से संचालित बसों के लिए उपयुक्त पार्किंग स्थल का चयन किया जाएगा। बैठक में देवास नाका पर बन रहे फ्लाईओवर के मद्देनजर यातायात प्रबंधन को लेकर चर्चा हुई, जिसमें फ्लाईओवर की लंबाई बढ़ाने का सुझाव दिया गया ताकि यातायात को सुगम बनाया जा सके। नेशनल हाईवे 52 और एमआर-10 जंक्शन पर बन रहे फ्लाईओवर के कारण ट्रैफिक डायवर्सन प्लान को भी मंजूरी दी गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तेज गति से हो और यातायात प्रभावित न हो। साथ ही, इंडस्ट्री हाउस, गीता भवन चौराहा और जीपीओ चौराहे के लेफ्ट टर्न को व्यवस्थित करने के भी निर्देश दिए गए। राजीव गांधी और चोइथराम चौराहे पर यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाने का निर्देश दिया गया, जबकि नगर निगम को शहर में चल रहे सीवर लाइन कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए कहा गया ताकि यातायात प्रभावित न हो। बायपास पर लगी स्ट्रीट लाइट को जल्द चालू करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए। चंद्रगुप्त चौराहा पर टूटे हुए चेम्बरों की मरम्मत के निर्देश दिए गए, वहीं मेट्रो कार्य पूरा होने के बावजूद वहां लगे बैरिकेड्स को न हटाए जाने के कारण यातायात में आ रही बाधा को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। बैठक में इंडस्ट्री हाउस चौराहे से जंजीरवाला चौराहे के बीच बने ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
अवैध बस पार्किंग पर सख्त कार्रवाई करेगा जिला प्रशासन




