नई दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने विदेशी दौरों पर क्रिकेटर्स को परिवार साथ रखने देने की वकालत की है। उन्होंने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हर खिलाड़ी को परिवार की जरूरत होती है, लेकिन उन्हें टीम और परिवार के बीच संतुलन बनाना चाहिए। कपिल देव, जिन्होंने 1983 में भारत को वर्ल्ड कप जिताया था, ने बताया कि उनके दौर में खिलाड़ी खुद तय करते थे कि दौरे के पहले चरण में पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान देना है, जबकि दूसरे चरण में परिवार के साथ समय बिताया जा सकता है। इससे पहले विराट कोहली ने भी विदेशी दौरों पर खिलाड़ियों के परिवार को साथ रखने का समर्थन किया था। बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में हार के बाद कुछ कड़े नियम बनाए थे, जिनमें विदेशी दौरों के दौरान खिलाड़ियों के परिवार के साथ रहने की समय सीमा तय करना और टीम के भीतर आपसी तालमेल को प्राथमिकता देना शामिल था। अब बीसीसीआई के एक सूत्र के मुताबिक, इस नियम में कुछ नरमी बरती जा सकती है।
विदेशी दौरों पर परिवार संग रहने के पक्ष में कपिल देव, BCCI कर सकता है नियम में बदलाव




