इंदौर। सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो का काम तेज है, लेकिन खजराना चौराहे पर यह तय नहीं हो पा रहा कि ट्रैक एलिवेटेड बने या अंडरग्राउंड, जिससे प्रोजेक्ट लटका हुआ है। लागत कम करने के लिए पत्रकार कॉलोनी स्टेशन हटाकर खर्च 1600 करोड़ से घटाकर 1000 करोड़ तक किया गया, फिर भी समस्या जस की तस है। अधिकारियों का दावा है कि अक्टूबर तक रेडिसन चौराहा तक मेट्रो चलाई जाएगी, लेकिन खजराना, कनाड़िया और पलासिया मार्ग पर पेच फंसा हुआ है, जिसकी वजह से लागत भी 40 करोड़ बढ़ चुकी है।




