खंडवा। ग्राम पैठिया के मदरसे में मिले करीब 20 लाख रुपए के नकली नोट के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। खंडवा पुलिस ने भोपाल में छापेमारी कर इस गोरखधंधे के मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी भोपाल की गोकुलधाम सोसाइटी में ट्रैवल एजेंसी की आड़ में नकली नोट छाप रहे थे।
जांच में पता चला कि पकड़ा गया मदरसा इमाम जुबेर अंसारी इस रैकेट का हिस्सा था और महाराष्ट्र में उसकी गिरफ्तारी के बाद बाकी आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने मदरसे के कमरे से नकली नोटों से भरा बैग बरामद किया था, जिसके बाद पूरे गिरोह का लिंक खुला।
पुलिस ने भोपाल से डॉ. प्रतीक नवलखे, गोपाल उर्फ राहुल और दिनेश गौर को गिरफ्तार किया। इनके पास से 15 चेकबुक, 32 एटीएम कार्ड, मोबाइल, लैपटॉप और बड़ी संख्या में नकली नोट मिले। आरोपी कई महीनों से भोपाल, धुले, मालेगांव, जलगांव, चंद्रपुर, अकोला, अमरावती और नागपुर में नकली नोटों का नेटवर्क चला रहे थे। अब तक करीब 40 लाख के नकली नोट सर्कुलेट करने की बात सामने आई है।
जांच में खुलासा हुआ कि नवलखे और जुबेर की दोस्ती 2019-20 में जेल में हुई थी, जहां दोनों ने बाहर आकर नकली नोटों का धंधा शुरू करने की योजना बनाई। आरोपी 1 लाख रुपए के असली नोट के बदले 5 लाख रुपए के नकली नोट देते थे और बैंक खातों को किराए पर लेकर ट्रांजैक्शन करते थे।
पुलिस रिमांड में आरोपियों से और भी कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जानकारी मिलने की उम्मीद है।




