इंदौर। रंगपंचमी के अवसर पर रविवार को इंदौर में पारंपरिक गेर के साथ शहर रंगों में सराबोर होगा। राजवाड़ा से निकलने वाली इस ऐतिहासिक गेर में लाखों लोग शामिल होकर गुलाल और रंगों की बौछारों का आनंद लेंगे। करीब सात दशक पुरानी इस परंपरा में इस बार भी हजारों किलो गुलाल और लाखों लीटर पानी का उपयोग किया जाएगा। राजवाड़ा और आसपास के लगभग पांच से छह किलोमीटर क्षेत्र में रंगों की बारिश होगी। इस बार विशेष रूप से आठ हजार किलो टेसू के फूलों से बने गुलाल से राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा। गेर में ट्रैक्टर, टैंकर, बैंड, ढोल-ताशे, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी, वहीं आधुनिक व्यवस्था के तहत मिसाइलों के जरिए करीब दो सौ फीट ऊंचाई तक रंग और पानी उड़ाया जाएगा। गेर के साथ फागयात्रा भी निकलेगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से निकलने वाली यह यात्रा टेसू के फूलों और प्राकृतिक गुलाल के साथ निकाली जाएगी। शहर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। गेर मार्ग पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। एआई आधारित ड्रोन के माध्यम से गेर में शामिल लोगों की संख्या का आकलन भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने आपात स्थिति से निपटने के लिए दस एम्बुलेंस और करीब चालीस मेडिकल स्टाफ को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया है। आयोजन के बाद नगर निगम द्वारा बड़े स्तर पर सफाई अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें 280 सफाई मित्र और कई मशीनें लगाई जाएंगी। गेर के कारण राजवाड़ा और आसपास के कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा और पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं। यह रंगोत्सव हर साल की तरह इस बार भी इंदौर की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनेगा।
इंदौर में रंगपंचमी पर निकलेगी ऐतिहासिक गेर, लाखों लोग होंगे शामिल




