इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में 3 और लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद कुल मौतों की संख्या 8 हो गई है। इनमें एक पुरुष भी शामिल है। हालांकि शासन की ओर से अब तक केवल 3 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की गई है, जिन्हें डायरिया से हुई मौत बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक, जिन तीन मौतों को शासन ने पुष्टि की है, उनमें नंदराम (70), उर्मिला (60) और ताराबाई कोरी (70) शामिल हैं। वहीं, जिन अन्य लोगों की मौत की सूचना सामने आई है, उनमें गोमती रावत (50), मंजुला पति दिगंबर (74) और संतोष बिगोलिया के नाम बताए जा रहे हैं। गोमती रावत की मौत 26 दिसंबर को हुई थी, जिससे संकेत मिलता है कि पिछले एक सप्ताह से लोग बीमार पड़ रहे थे।
अभी शहर के अलग-अलग अस्पतालों में कुल 111 मरीज भर्ती हैं। वर्मा हॉस्पिटल में 30, ईएसआईसी हॉस्पिटल में 11, एमवायएच में 5, त्रिवेणी हॉस्पिटल में 7 और अरविंदो हॉस्पिटल में 2 मरीजों का इलाज चल रहा है। अन्य निजी अस्पतालों में भी कई मरीज भर्ती हैं। जिनकी हालत में सुधार हो रहा है, उन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा है।
सोमवार रात यह मामला तब सामने आया, जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अचानक दिल्ली से इंदौर पहुंचे और वर्मा हॉस्पिटल पहुंचे। इसके बाद पता चला कि 150 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। मंगलवार को दिनभर में 5 मौतों की जानकारी मिली, जबकि देर रात 3 अन्य मौतों की सूचना सामने आई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 2703 घरों का सर्वे किया जा चुका है और लगभग 12 हजार लोगों की जांच की गई है। 1146 लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 18 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। भागीरथपुरा की 15 गलियों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें घर-घर जाकर जांच और दवाइयां बांट रही हैं।
जांच में सामने आया है कि भागीरथपुरा इलाके में चौकी से लगे शौचालय के नीचे मुख्य जल लाइन में लीकेज मिला है। आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण दूषित पानी पेयजल लाइन में मिला। राउ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 75 और 76 के भावना नगर में भी हालात चिंताजनक हैं, जहां घरों में चेंबर लाइन का गंदा पानी भर रहा है और नर्मदा लाइन से भी बदबूदार पानी आ रहा है।
स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में 4 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। 14 डॉक्टर, 24 एमपीडब्ल्यू और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ एमवाय हॉस्पिटल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर भी रात-दिन ड्यूटी कर रहे हैं। लोगों को उबला पानी पीने, बाहर का खाना और कटे फल न खाने की सलाह दी जा रही है।
मामले में लापरवाही को लेकर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जोनल अधिकारी शालिग्राम शितोले और प्रभारी सहायक अभियंता योगेश जोशी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि प्रभारी डिप्टी इंजीनियर शुभम श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता आईएएस नवजीवन पंवार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मामले का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। फिलहाल क्षेत्र में 50 टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है और हेल्पलाइन नंबर 7440440511 जारी किया गया है।




