इंदौर। इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन सड़क परियोजना का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। आगामी सिंहस्थ को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को काफी अहम माना जा रहा है। भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा तय होने और निर्माण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के बाद प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति आभार जताया।
गुरुवार को किसान रेजीडेंसी कोठी पहुंचे और कलेक्टर शिवम वर्मा को साफा पहनाकर पुष्पगुच्छ भेंट किया। किसानों ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया के तहत मिला मुआवजा उनके लिए आर्थिक रूप से सहायक होगा और क्षेत्र के विकास में भी मदद करेगा।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया है कि इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड रोड को अब एलिवेटेड के बजाय जमीनी स्तर पर बनाया जाएगा। भोपाल में किसानों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि भविष्य में इंदौर–उज्जैन एक बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, इसलिए परियोजना किसानों के सुझावों को ध्यान में रखकर लागू की जाएगी। शासन ने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कुल 20 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। प्रभावितों को अधिकतम लाभ देने के लिए बिक्री छांट प्रक्रिया अपनाई गई है। अब तक 626 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि मंजूर की जा चुकी है, जिससे 662 खातेदार और परिवार लाभान्वित होंगे। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
हातोद और सांवेर तहसील के बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोडिया, जंबूड़ी सरवर, जिन्दाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबी खेड़ी, पिपलिया कायस्थ, हरियाखेड़ी, खतेडिया, रंगकराडिया, कछालिया, बलघारा, पोटलोद, टुमनी, मगरखेड़ी, चित्तौड़ा, बालरिया और रालामंडल सहित कुल 20 गांव इस परियोजना में शामिल हैं।
यह सड़क बेहतर आवागमन सुनिश्चित करेगी और औद्योगिक, व्यापारिक व धार्मिक पर्यटन को गति देगी। सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान यातायात व्यवस्था सुगम बनाने में भी यह मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परियोजना में दोनों ओर सर्विस रोड, अंडरपास और आवश्यक डक्ट निर्माण का प्रावधान रखा गया है, ताकि यातायात सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।




