भोपाल। राजधानी के लाल परेड ग्राउंड पर 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड इस बार अब तक की सबसे लंबी परेड में शामिल होगी। परेड में कुल 23 प्लाटून हिस्सा लेंगी, जिनमें 1300 जवान और डॉग स्क्वॉड शामिल रहेगा। परेड के बाद स्कूली छात्र और आदिवासी कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे, जबकि अंत में विभिन्न शासकीय विभागों की झांकियां निकाली जाएंगी।
शनिवार को परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल किया जाएगा। इस समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगुभाई पटेल होंगे। रिहर्सल में मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाणा सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
सातवीं बटालियन के कमांडेंट हितेष चौधरी ने बताया कि परेड की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परेड के बाद स्कूली बच्चों और आदिवासी कलाकारों के कार्यक्रम होंगे और फिर शासकीय विभागों की झांकियां दर्शकों के सामने से गुजरेंगी।
इस बार परेड की कमान आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ संभालेंगे, जो वर्तमान में ग्वालियर जिले में एसडीओपी के पद पर पदस्थ हैं। परेड की सेकेंड कमांडर रतलाम की डीएसपी नीलम होंगी। एक दशक बाद परेड में एनएसएस का दल भी शामिल किया गया है। इसके अलावा एमपी पुलिस, एसएएफ, पुलिस बैंड, एनसीसी की गर्ल्स और बॉयज विंग, स्काउट गाइड और महिला शौर्य दल भी परेड का हिस्सा होंगे। पुलिस बैंड देशभक्ति की धुनें बजाते हुए मंच के सामने से गुजरेगा।
इस बार राज्य स्तरीय परेड में केंद्रीय सशस्त्र बलों की तीन टुकड़ियां भी शामिल होंगी। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने अपनी-अपनी प्लाटून भेजी हैं। गृह विभाग की झांकी में डायल 112 सेवा और शहीद स्मारक को प्रदर्शित किया जाएगा, जबकि अन्य विभागों की झांकियों में प्रदेश की कला और संस्कृति की झलक दिखाई देगी।
गणतंत्र दिवस समारोह में करीब 10 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। दर्शकों के बैठने के लिए परेड सर्किल के बाहरी हिस्से में तिरंगा डोम तैयार किए गए हैं, जिन्हें केसरिया, सफेद और हरे रंग के पर्दों से सजाया गया है। वीआईपी और वीवीआईपी आगंतुक पुलिस कंट्रोल रूम के सामने वाले गेट से प्रवेश करेंगे, जबकि अन्य दर्शकों के लिए पीएचक्यू के सामने स्थित प्रवेश द्वार तय किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 500 से अधिक पुलिस बल के साथ डॉग और बम स्क्वॉड भी तैनात किए गए हैं।




