नई दिल्ली। देश की रक्षा खरीद नीति में बड़े बदलाव की तैयारी हो रही है ताकि सैन्य बलों के आधुनिकीकरण को तेज किया जा सके। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खरीद प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए एक कमेटी गठित की है, जो मौजूदा 8 चरणों की जटिल प्रक्रिया को 1-2 साल में पूरा करने के तरीकों पर काम करेगी। वर्तमान में, हथियारों की खरीद में 8 से 20 साल तक लग जाते हैं, जिससे तकनीक पुरानी हो जाती है और सेना को समय पर साजो-सामान नहीं मिल पाता। इस साल सैन्य खरीद का बजट करीब 1.8 लाख करोड़ रु. है, और 5 साल में 9 लाख करोड़ रु. के रक्षा उपकरण खरीदे जाने हैं। कमेटी स्वदेशी हथियारों के लिए बजट तय करने और ‘मेक इन इंडिया’ नीति को नया स्वरूप देने पर भी विचार करेगी।
“रक्षा खरीद में बड़ा बदलाव: सैन्य आधुनिकीकरण की रफ्तार होगी तेज, स्वदेशी हथियारों को बढ़ावा!”




