भागीरथपुरा हादसे के बाद निगम सख्त, इंदौर के हर वार्ड में बनेगी वाटर टेस्टिंग लैब

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इंदौर। भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से 31 लोगों की मौत के बाद नगर निगम ने पानी की गुणवत्ता को लेकर कड़ा फैसला लिया है। अब शहर के सभी 85 वार्डों में वाटर टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी, ताकि हर वार्ड स्तर पर पानी की नियमित जांच हो सके और दूषित पानी की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अब तक जल जांच सीमित दायरे में होती थी, लेकिन भागीरथपुरा की घटना ने साफ कर दिया कि निगरानी का दायरा बढ़ाना जरूरी है। इसी को देखते हुए निगम ने निजी एजेंसी के जरिए वाटर टेस्टिंग और वाटर ऑडिट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है।

निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि भागीरथपुरा इलाके में फिलहाल नल से नियमित जलप्रदाय शुरू नहीं किया जाएगा। पाइपलाइनों की पूरी जांच, लीकेज और सीवेज मिक्सिंग की आशंका खत्म होने के बाद ही पानी की सप्लाई बहाल होगी। तब तक रहवासियों को टैंकरों के जरिए ही पानी उपलब्ध कराया जाएगा। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने निर्देश दिए हैं कि टैंकरों की संख्या कम न हो और जल आपूर्ति में कोई कटौती न की जाए।

घटना के बाद भागीरथपुरा में डर का माहौल बना हुआ है। लोग टैंकर से मिलने वाले पानी को भी उबालकर पी रहे हैं। जिन क्षेत्रों में सीमित जलप्रदाय शुरू किया गया है, वहां भी लोग नल का पानी इस्तेमाल करने से बच रहे हैं। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर आरओ सिस्टम लगवा लिए हैं। रहवासियों का कहना है कि जब तक निगम खुद पानी को सुरक्षित घोषित नहीं करता और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक वे नल का पानी नहीं पीएंगे।

निगम अधिकारियों के मुताबिक, वार्ड स्तर पर लैब शुरू होने के बाद किसी भी इलाके से गंदे पानी की शिकायत आने पर तुरंत सैंपल लेकर जांच की जा सकेगी। इससे समस्या को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकेगा और भविष्य में भागीरथपुरा जैसी घटना दोबारा न हो, यह सुनिश्चित किया जा सकेगा।

भागीरथपुरा की घटना के बाद शहर के अन्य इलाकों में भी गंदे पानी को लेकर चिंता बढ़ी है। चंदननगर, ग्रीन पार्क सहित कई कॉलोनियों के रहवासी शिकायत लेकर निगम कार्यालय पहुंचे। इन शिकायतों के समाधान के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं और अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही शहर के पुराने कुएं और बावड़ियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। पंचम की फैल इलाके में तीन पुराने कुओं में से दो का पानी पूरी तरह खराब हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इन कुओं में गंदा पानी और लाल कीड़े दिखने लगे थे। शिकायत मिलने पर एमआईसी मेंबर नंदकिशोर पहाड़िया ने मामला निगमायुक्त तक पहुंचाया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त क्षितिज सिंघल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और कुओं की सफाई व संरक्षण के निर्देश दिए हैं।

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