इंदौर। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के तहत इंदौर में भी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें शहरवासियों का उत्साह देखने लायक था। कई नागरिकों ने स्वेच्छा से फोन कर मॉक ड्रिल में वॉलिंटियर बनने की इच्छा जताई। इस अभ्यास में विभिन्न विभागों के एक हजार से अधिक कर्मियों ने भाग लिया और आपसी तालमेल के साथ इसे सफलतापूर्वक संपन्न किया। बुधवार को इंदौर में तीन स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई—डेंटल कॉलेज, रेसीडेंसी कोठी और एमजीएम बॉयस होस्टल। खास बात यह रही कि तीसरी मॉक ड्रिल उस समय की गई जब पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद कर ब्लैक आउट की स्थिति बनाई गई थी। इस अभ्यास के दौरान विस्फोट, आगजनी, आतंकी हमले जैसी संभावनाओं के बीच बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इसमें घायलों को सुरक्षित निकालने, अस्पताल भेजने और आग पर काबू पाने जैसे जरूरी कदमों का समन्वित प्रदर्शन किया गया।
इंदौर में ब्लैकआउट के बीच रची रियल रेस्क्यू की स्क्रिप्ट, मॉक ड्रिल में झलका जनून और ज़िम्मेदारी




