इंदौर। शहर को ग्रीन सिटी बनाने की कोशिशों के बीच हुकुमचंद मिल परिसर में तीन बड़े पेड़ जेसीबी से काटे जाने पर पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से ही हरियाली सिर्फ 9-10% बची है और अगर यह कटाई जारी रही तो जल संकट और वायु प्रदूषण गंभीर स्तर तक पहुंच जाएगा। चेतावनी दी गई है कि आने वाले वर्षों में तापमान 46 डिग्री तक जा सकता है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने सरकार से तत्काल पेड़ कटाई रोकने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इंदौर में पेड़ों की कटाई से बढ़ा पर्यावरण संकट, बढ़ सकता है जल- वायु संकट




