नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन का कहना है कि 2027 वर्ल्ड कप के बाद वनडे क्रिकेट का भविष्य संकट में आ सकता है। उनका मानना है कि उस समय विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े स्टार संन्यास ले चुके होंगे, जिससे 50 ओवर के फॉर्मेट की लोकप्रियता और घट सकती है। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप के शेड्यूल और लगातार बढ़ते आईसीसी टूर्नामेंट्स पर भी सवाल उठाए हैं।
39 साल के अश्विन ने कहा कि वह विजय हजारे ट्रॉफी देख रहे हैं, लेकिन इसे उसी तरह फॉलो करना मुश्किल है, जैसे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को किया जाता है। उनका मानना है कि बढ़ती टी-20 लीग और टेस्ट क्रिकेट की अलग अहमियत के बीच वनडे फॉर्मेट के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि आजकल हर दौरे में वनडे मैचों की संख्या घट रही है, जबकि टी-20 मुकाबले बढ़ते जा रहे हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने न्यूजीलैंड के भारत दौरे का जिक्र किया, जिसमें तीन वनडे और पांच टी-20 मैच रखे गए हैं।
अश्विन का कहना है कि विराट और रोहित के विजय हजारे ट्रॉफी खेलने से ही लोग इस घरेलू वनडे टूर्नामेंट को देखने पहुंचे। बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी कई बार किसी फॉर्मेट की प्रासंगिकता बनाए रखती है। सवाल यह है कि जब ये खिलाड़ी वनडे से दूर हो जाएंगे, तब दर्शकों की दिलचस्पी कैसे बनी रहेगी।
उन्होंने आईसीसी से अपील की कि वह अपने कैलेंडर पर फिर से विचार करे और वनडे वर्ल्ड कप को चार साल में एक बार ही आयोजित करे, ताकि इस फॉर्मेट का महत्व बना रहे।




