चेन्नई। की दिव्या देशमुख ने FIDE महिला वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने फाइनल में भारत की कोनेरू हम्पी को टाईब्रेक में 2.5-1.5 से हराकर खिताब अपने नाम किया और भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर बन गईं। दिव्या ने टूर्नामेंट में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन तान झोंगयी को भी हराया और जीत के बाद अपनी मां से लिपटकर भावुक हो गईं। इस खिताब के साथ उन्होंने विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालिफाई किया। जीत की इनामी राशि करीब ₹42 लाख रही। इस टूर्नामेंट में पहली बार चार भारतीय महिलाएं क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, जो भारतीय शतरंज के लिए बड़ी उपलब्धि है।
19 साल की दिव्या देशमुख बनीं सबसे युवा वर्ल्ड चेस चैंपियन




