झज्जर। 18 वर्षीय पहलवान तपस्या गहलावत ने बुल्गारिया में हुई जूनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के 57 किलो वर्ग में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। पिता परमेश खुद नेशनल स्तर के पहलवान रहे और बेटी को बचपन से अखाड़े में उतारा, जबकि मां डॉ. नवीन चाहती थीं कि वह डॉक्टर बने। तपस्या ने सेमीफाइनल में जापान की 40 मैचों से अजेय सोवाका उचिदा को हराया और फाइनल में नॉर्वे की फेलिसिटास डोमजेवा को मात दी। परिवार ने उनके दादा की मौत की खबर भी टूर्नामेंट खत्म होने तक छुपाई ताकि खेल पर असर न पड़े। कई बार चोटों और घर की नोकझोंक के बावजूद तपस्या ने जुनून और मेहनत से यह मुकाम पाया। अब परिवार को भरोसा है कि वह ओलिंपिक में भी भारत का नाम रोशन करेगी।
18 साल की तपस्या बनीं जूनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियन




