नई दिल्ली। पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया है। रविवार को पाकिस्तान सरकार ने साफ किया कि टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी, लेकिन भारत से मुकाबला नहीं खेलेगी। इस फैसले के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से अपने रुख पर फिर से विचार करने को कहा है।
भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट पाकिस्तान के लिए भारी पड़ सकता है। ICC की प्लेइंग कंडीशन के मुताबिक, मैच नहीं खेलने पर पाकिस्तान के खाते में 20 ओवर में 0 रन जोड़े जाएंगे, जबकि भारत का कोई ओवर काउंट नहीं होगा। इससे पाकिस्तान का रन रेट काफी खराब हो जाएगा और बाकी मैच जीतने के बाद भी नेट रन रेट निगेटिव रह सकता है। ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका शामिल हैं। पाकिस्तान अगर तीन में से एक भी मैच हारता है तो ग्रुप स्टेज से बाहर होने का खतरा बढ़ जाएगा।
ICC पाकिस्तान से बॉयकॉट का कारण भी पूछेगा। अगर जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो ICC पाकिस्तान को इसी वर्ल्ड कप से बैन भी कर सकता है। पहले भी कुछ टीमों पर ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई हो चुकी है। पाकिस्तान इस फैसले को सुरक्षा कारणों से सही नहीं ठहरा सकता, क्योंकि उसके सभी मैच भारत की बजाय श्रीलंका में होने हैं।
बॉयकॉट का असर पाकिस्तान सुपर लीग पर भी पड़ सकता है। ICC पहले ही संकेत दे चुका है कि अगर पाकिस्तान ने बांग्लादेश के मुद्दे पर समर्थन के नाम पर दबाव बनाया तो PSL को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा। इससे लीग में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अगर नॉकआउट स्टेज में भारत सामने आता है तो पाकिस्तान क्या करेगा। PCB ने इस पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। ICC सूत्रों के मुताबिक, इस स्थिति में भी पाकिस्तान से जवाब मांगा जाएगा और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पाकिस्तान टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने कहा है कि टीम सिर्फ वर्ल्ड कप खेलने पर फोकस कर रही है और सरकार के फैसलों का पालन करना उनकी मजबूरी है। वर्ल्ड कप इतिहास में पाकिस्तान अब तक भारत को सिर्फ एक बार ही हरा पाया है।
इसके अलावा, इस फैसले से पाकिस्तान को भविष्य में ICC टूर्नामेंट की मेजबानी मिलना भी मुश्किल हो सकता है। भारत-पाकिस्तान मुकाबले से ICC को सबसे ज्यादा कमाई होती है। मैच नहीं होने से रेवेन्यू घटेगा और ICC पाकिस्तान के हिस्से की कमाई या मेजबानी अधिकारों पर भी पुनर्विचार कर सकता है।




