नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा चर्चा में रहता है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो भारत का पलड़ा भारी है, क्योंकि अब तक दोनों टीमों के बीच वर्ल्ड कप में 8 मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने 7 बार जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान सिर्फ 1 बार जीत पाया है। यानी भारत 7-1 से आगे है।
फिर भी यह मैच इतना बड़ा क्यों माना जाता है? इसकी दो बड़ी वजहें हैं। पहली वजह दोनों देशों के बीच लंबे समय से खराब रिश्ते हैं, जिससे मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि प्रतिष्ठा से जुड़ा बन जाता है। दूसरी वजह यह है कि जीत भले भारत की ज्यादा रही हो, लेकिन ज्यादातर मुकाबले बेहद नजदीकी रहे हैं और आखिरी ओवर तक रोमांच बना रहता है।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत की कहानी 2007 से शुरू होती है। उसी साल पहला टी-20 वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका में खेला गया था, जहां दोनों टीमें दो बार टकराईं। लीग मैच टाई रहा था और तब सुपर ओवर नहीं होता था, इसलिए बॉल आउट कराया गया। भारत ने बॉल आउट में जीत हासिल की, क्योंकि रॉबिन उथप्पा, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग ने स्टंप पर निशाना साधा, जबकि पाकिस्तान के तीन गेंदबाज चूक गए। इसके बाद दोनों टीमें फाइनल में भी भिड़ीं। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 157 रन बनाए और पाकिस्तान को 152 रन पर ऑलआउट कर 5 रन से खिताब जीत लिया।
इसके बाद 2012 में कोलंबो में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन टीम 128 रन पर सिमट गई। भारत ने विराट कोहली की फिफ्टी के दम पर 17 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह मैच भारत के लिए काफी आसान रहा। 2014 में मीरपुर में पाकिस्तान ने 130 रन बनाए और भारत ने 18.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। 2016 में कोलकाता में बारिश के कारण मुकाबला 18-18 ओवर का हुआ, पाकिस्तान ने 118 रन बनाए और भारत ने 15.5 ओवर में 4 विकेट खोकर जीत दर्ज कर ली।
हालांकि 2021 में दुबई में पाकिस्तान ने इतिहास रच दिया। पाकिस्तान ने 152 रन का लक्ष्य बिना विकेट गंवाए हासिल किया और भारत को पहली बार टी-20 वर्ल्ड कप में हराया। बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान ने रिकॉर्ड 152 रन की ओपनिंग साझेदारी कर भारत को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
इसके बाद 2022 में मेलबर्न में पाकिस्तान ने 159 रन बनाए। भारत की शुरुआत खराब रही और 31 रन पर 4 विकेट गिर गए थे, लेकिन विराट कोहली और हार्दिक पंड्या ने मैच पलट दिया। कोहली ने 82 रन की यादगार पारी खेली और भारत ने आखिरी गेंद पर 4 विकेट से मुकाबला जीत लिया। 2024 में न्यूयॉर्क में भारत 119 रन पर ऑलआउट हो गया था और पाकिस्तान जीत के करीब था, लेकिन जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या की घातक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान 113 रन पर सिमट गया और भारत ने 6 रन से जीत हासिल की।
अब तक भारत-पाक के टी-20 वर्ल्ड कप मुकाबलों में पहली पारी का सबसे बड़ा स्कोर 159 रन रहा है, जो पाकिस्तान ने 2022 में बनाया था, हालांकि भारत ने उसे भी चेज कर लिया था। वहीं सबसे छोटा स्कोर 118 रन रहा है, जो पाकिस्तान ने 2016 में बनाया था।
इस बार भारत और पाकिस्तान कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भिड़ेंगे। यह मैदान स्पिन गेंदबाजों को मदद देने के लिए जाना जाता है। यहां स्पिनर्स की भूमिका निर्णायक हो सकती है। भारत के पास वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव जैसे विकल्प हैं, जबकि पाकिस्तान के पास शादाब खान, मोहम्मद नवाज, उस्मान तारिक, अबरार अहमद और पार्ट टाइम स्पिनर सईम अयूब मौजूद हैं।
यह मुकाबला पूरी तरह स्पिन कॉन्टेस्ट बन सकता है और जो टीम बीच के ओवरों में बेहतर कंट्रोल करेगी, वही मैच पर पकड़ बना सकती है। साथ ही, इस मैदान पर इस वर्ल्ड कप में अब तक खेले गए मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा मिला है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बैटिंग चुन सकती है और बड़ा स्कोर बनाकर दबाव बनाने की कोशिश करेगी।
कुल मिलाकर आंकड़े भारत के पक्ष में हैं, लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबले का इतिहास बताता है कि यह मैच कभी आसान नहीं होता और हर बार नया रोमांच लेकर आता है।




