अहमदाबाद। टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका से 76 रन की हार के बाद भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन पर सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर उपकप्तान अक्षर पटेल की जगह वॉशिंगटन सुंदर को खिलाने के फैसले को लेकर चर्चा तेज रही। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डेशकाटे ने चयन को लेकर सफाई दी।
डेशकाटे ने कहा कि टीम मैनेजमेंट ने साउथ अफ्रीका के टॉप ऑर्डर को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया था। उनके मुताबिक क्विंटन डी कॉक, रयान रिकेल्टन और डेविड मिलर सबसे बड़ा खतरा थे। ऐसे में दो विकल्पों में से उस खिलाड़ी को चुनना पड़ा जो पावरप्ले में नियमित रूप से गेंदबाजी करता रहा है। उन्होंने कहा कि अक्षर पटेल भी पावरप्ले में गेंदबाजी करते हैं, लेकिन टीम को लगा कि इस चरण में सुंदर ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं।
हालांकि मैच में रणनीति अलग दिखी। पावरप्ले में सुंदर से गेंदबाजी नहीं कराई गई। अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती ने शुरुआती छह ओवर डाले। सुंदर ने बल्ले से 11 रन बनाए, लेकिन गेंदबाजी में कोई विकेट नहीं ले सके। डेशकाटे ने कहा कि टूर्नामेंट जैसे बड़े मंच पर हर निर्णय टीम की जरूरत और विश्लेषण के आधार पर लिया जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अक्षर पटेल भी इस फैसले को टीम के हित में लिया गया निर्णय समझेंगे।
इस हार के साथ भारत का नेट रन रेट -3.800 हो गया है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अब टीम इंडिया को अगले दोनों मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे।
मैच में साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर सिमट गई। यह टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत की सबसे बड़ी हारों में से एक रही।




