गुरुग्राम। गुरुग्राम के 12 से ज्यादा प्रतिष्ठित स्कूलों को मंगलवारको ई-मेल से बम से उड़ाने की धमकी भेजने के मामले में पता चला है कि ई-मेल अमेरिकी सर्वर से आई थी। इसकी जिम्मेदारी खालिस्तान समर्थकों ने ली थी। इस बार भी मेल भेजने में उसी सर्वर का इस्तेमाल किया गया, जिस सर्वर से जनवरी में स्कूलों को ई-मेल भेजी गई थी। मंगलवार सुबह डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर 46 स्थित एमिटी स्कूल, प्रज्ञानम, द श्रीराम मिलेनियम स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल, कुंशका पब्लिक स्कूल, लान्सर्स पब्लिक स्कूल, हेरिटेज एक्पेरिमेंटल स्कूल, शिव नादर और श्रीराम अरावली स्कूल सहित करीब एक दर्जन स्कूलों को धमकी भरी ई-मेल मिले थे। स्कूल संचालकों की सूचना पर पुलिस और बम डिस्पोजल यूनिट ने सर्च किया था। स्कूल कैंपस को पूरी तरह से खाली कराकर जांच की गई। हालांकि, किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। जांच में पता चला कि यह मेल सिर्फ दहशत फैलाने के लिए भेजी गई। केस दर्ज कर साइबर पुलिस ने भी इसकी जांच की। जांच में पाया गया कि इस बार भी स्कूलों को अमेरिका से ही धमकी भरे मेल भेजे गए। यह भी पता चला कि इस बार उसी सर्वर का इस्तेमाल किया, जिसका इस्तेमाल जनवरी में किया गया था। यानी दो बार एक ही सर्वर से धमकी भरे ई-मेल आए हैं। भले ही यह फर्जी मेल हों, लेकिन एक के बाद एक कई बार धमकी भरे मेल आने से शहर के अभिभावकों के माथे पर जरूर चिंता की लकीरें आ गईं हैं। बता दें कि मंगलवार को जो मेल भेजे गए, उसमें खालिस्तान समर्थकों ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। साइबर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
गुरुग्राम के स्कूलों को अमेरिकी सर्वर से मिली थी बम से उड़ाने की धमकी




