गुरुग्राम। साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए सेक्टर-28 में चल रहे अवैध वर्चुअल सिम बॉक्स और समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक यह हाईटेक सेटअप विदेश से आने वाली VOIP कॉल को भारतीय लोकल कॉल में बदल रहा था, जिससे विदेश में बैठे साइबर ठग भारतीय नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर ठग रहे थे।
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ मिलकर किराए के मकान में यह अवैध नेटवर्क चला रहा है। इस जानकारी के आधार पर सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की। 10 फरवरी को सेक्टर-28 स्थित एक बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर किराए के मकान में छापा मारा गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से तीन मोबाइल फोन चालू हालत में मिले, जिनसे अपने आप अलग-अलग भारतीय नंबरों पर कॉल जा रही थीं। पुलिस ने बताया कि एक कॉल कटते ही मोबाइल स्वतः दूसरे नंबर पर कॉल कर देता था। जांच में इन मोबाइल फोनों में VDMS Apk App चलती हुई पाई गई, जिससे कॉलिंग सिस्टम को नियंत्रित किया जा रहा था।
पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल किए गए कुल 7 मोबाइल फोन (3 स्मार्टफोन, 1 की-पैड फोन और 3 टूटे हुए फोन), 1 वाई-फाई मॉडेम, 3 सिम कार्ड और 1 टूटा हुआ लैपटॉप बरामद किया। मौके पर मौजूद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी महिला की पहचान कुंग पनमे (30) निवासी दीमापुर, नागालैंड के रूप में हुई है, जो वर्तमान में सेक्टर-28 गुरुग्राम में रह रही थी।
पूछताछ में महिला ने बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर चाइना मूल के साइबर ठगों के लिए यह वर्चुअल सिम बॉक्स सेटअप चलाती थी। उसका काम मोबाइल फोन को चार्ज रखना और वाई-फाई के जरिए नेटवर्क से लगातार कनेक्ट बनाए रखना था। इस काम के बदले उसके पति को कमीशन मिलता था।
पुलिस का कहना है कि अवैध VOIP कॉल नेटवर्क सिर्फ साइबर ठगी ही नहीं बढ़ाता, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल विदेशी साइबर अपराधी, आतंकवादी और राष्ट्र विरोधी तत्व भी अपने स्थानीय संपर्कों से जुड़ने में कर सकते हैं। फिलहाल आरोपी महिला को 11 फरवरी से जांच में शामिल कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।




