गुरुग्राम। शहरी सड़कों की बेहतर योजना, रखरखाव और पारदर्शी निगरानी के लिए गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र की सभी 17 हजार 627 सड़कों की GIS मैपिंग पूरी कर ली गई है। म्हारी सड़क पोर्टल के तहत किए गए इस सर्वे का पूरा डाटा मैपिंग के लिए हरसेक को भेज दिया गया है। सोहना और पटौदी क्षेत्रों में भी शत प्रतिशत GIS मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब सड़कों के सुधार और विकास की तैयारी की जाएगी।
निगमायुक्त एवं डीएमसी प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय नगर निकायों की समीक्षा बैठक में सड़क, स्वच्छता, ड्रेनेज और शहरी विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में गुरुग्राम जिले के सभी नगर निकायों में ठोस कचरा प्रबंधन, सड़कों की सफाई, कचरा प्रसंस्करण, लीगेसी वेस्ट निस्तारण, आवारा पशु प्रबंधन और मानसून से पहले की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और एमएसडब्ल्यू परिवहन फिलहाल गैप अरेंजमेंट के तहत संचालित हो रहा है, जबकि पांच साल की दीर्घकालिक टेंडर प्रक्रिया को मंजूरी मिल चुकी है और यह निविदा चरण में है। सोहना में पांच वर्ष के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी कर एलओआई जारी कर दिया गया है। पटौदी में अंतरिम व्यवस्था के तहत काम चल रहा है, जबकि फर्रुखनगर में पूर्व स्वीकृत एजेंसी के माध्यम से कचरा प्रबंधन सुचारू रूप से जारी है।
शहर में अवैध कूड़ा डंपिंग पर नजर रखने के लिए 1200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। सिक्योरिटी सेनिटेशन फोर्स और कैमरों की मदद से अब तक 10 चालान काटे जा चुके हैं और 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। जीएमडीए के सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम जीएमडीए कार्यालय और सेक्टर-34 स्थित नगर निगम कार्यालय में स्थापित है।
कचरा प्रसंस्करण को लेकर बताया गया कि गुरुग्राम में ताजा कचरे के निपटान के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। सोहना में 10 साल की अवधि के लिए प्रोसेसिंग एजेंसी चयन का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया है। पटौदी में स्टॉप-गैप व्यवस्था के तहत कार्य हो रहा है, जबकि फर्रुखनगर में स्वीकृत एजेंसी द्वारा कचरा प्रसंस्करण किया जा रहा है।
लीगेसी वेस्ट निस्तारण को लेकर अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में पुराने कचरे के निपटान के लिए दो एजेंसियों को एलओआई जारी किए गए हैं और फरवरी 2028 तक 100 प्रतिशत निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है। सोहना में यह कार्य 30 जून 2026 तक पूरा किया जाएगा, जबकि पटौदी में लीगेसी वेस्ट का निस्तारण पहले ही पूरा हो चुका है।
मानसून से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालों की सफाई पर भी जोर दिया गया है। गुरुग्राम में कुल 473 किलोमीटर नालों में से करीब 350 किलोमीटर की सफाई पूरी कर ली गई है। सोहना में सभी नालों की सफाई हो चुकी है, जबकि पटौदी और फर्रुखनगर में यह कार्य स्वीकृति के चरण में है।
बैठक में आवारा पशुओं के प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में बड़ी संख्या में बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में शिफ्ट किया जा चुका है और दिसंबर 2026 तक शहर को स्ट्रे कैटल फ्री घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।




