हरियाणा। हरियाणा एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार गैंगस्टर रमन और उसके साथियों ने पुलिस रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि अमेरिका से लौटने के बाद वे दिल्ली में छिपे हुए थे और दुश्मन नंबर एक गोल्डी बराड़ के शूटरों से बचने के लिए उन्होंने अपनी SUV को बुलेटप्रूफ करवाया। रमन ने यह काम दिसंबर 2025 में दिल्ली से करवाया था। अब STF उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने गाड़ी को बुलेटप्रूफ बनाया।
फिलहाल सभी आरोपी STF की सात दिन की रिमांड पर हैं। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि भारत में उनके और कौन-कौन से मददगार हैं और वे किन वारदातों को अंजाम देने की तैयारी में थे।
पूछताछ में रमन ने बताया कि वह 2017 में अपने पासपोर्ट पर अमेरिका गया था। नियमों में गड़बड़ी के मामले में वहां नौ महीने जेल में रहने के बाद उसे ग्रीन कार्ड मिला। अमेरिका में वीरेंद्र सांभी के जरिए उसकी पहचान काला राणा से हुई और फिर नोनी राणा ने उसे रोहित गोदारा से मिलवाया। इसके बाद रमन, गोदारा के साथ मिलकर अमेरिका से बैठकर हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में व्यापारियों को धमकाने और फिरौती न देने पर फायरिंग कराने में शामिल रहा।
रमन ने यह भी कबूल किया कि रोहित गोदारा ने गोल्डी बराड़ के खास शूटर हैरी बॉक्सर की हत्या के लिए दो करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिया था और 30 हजार डॉलर एडवांस मिले थे। 18 अक्टूबर को कैलिफोर्निया के फ्रेज़नो में फायरिंग करवाई गई, जिसमें हैरी बॉक्सर बच गया जबकि उसका साथी मारा गया।
STF के आईडी सतीश बालन के मुताबिक, आरोपियों ने गोदारा के नाम का इस्तेमाल कर फिरौती मांगने की बात भी स्वीकारी है। बुलेटप्रूफ गाड़ी तैयार करने वाले व्यक्ति तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।




