गाजियाबाद। नगर निगम ने शहर की सभी कॉलोनियों और सोसाइटी में कर निर्धारण की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए पांचों जोन में सर्वेक्षण कराया जा रहा। निगम ने 75 अस्थाई कर्मचारी रखे हैं, जो टैक्स से छूटी संपत्ति की पहचान करेंगे। इसके बाद उन पर भी कर निर्धारण होगा। निगम ने इस साल से डीएम सर्किल रेट की दर से गृहकर लगाया है। इससे करदाताओं का दो से तीन गुना बिल बढ़ गया। हालांकि, बोर्ड बैठक में डीएम सर्किल रेट से गृहकर लगाने का प्रस्ताव निरस्त हो चुका है। कई कॉलोनियों और सोसाइटियों के लोगों ने महापौर और नगर आयुक्त से गृहकर के ज्यादा बिल आने की शिकायत की।पार्षदों ने कई संपत्तियों पर कर निर्धारण नहीं होने की जानकारी दी है। महापौर सुनीता दयाल ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को हर कॉलोनी और सोसाइटी में कर निर्धारण की जांच और टैक्स के दायरे से बाहर संपत्ति को चिह्नित कराने के निर्देश दिए। अस्थाई कर्मचारी मकान, दुकान और फ्लैट की पैमाइश करेंगे। जिस संपत्ति पर टैक्स नहीं लगा, उस पर कर लगाया जाएगा। शहरी क्षेत्र में अभी लगभग साढ़े चार लाख करदाता हैं। पार्षदों को मिनिट्स की कॉपी नहीं मिली बोर्ड बैठक की मिनिट्स की कॉपी के लिए मंगलवार को कुछ पार्षद नगर निगम में सदन सचिव से मिले। सदन सचिव ने पार्षदों को बताया कि मिनिट्स की कॉपी प्रयागराज में है। वहां से आने के बाद ही मिल सकेंगी। मिनिट्स की कॉपी नहीं मिलने पर एक बार पार्षदों को निराशा हाथ लगी। सदन सचिव ने बताया कि मिनिट्स की कॉपी सोशल मीडिया पर है, उससे काम चला लो। इस पर पार्षद नीरज गोयल ने कहा कि पार्षदों का मिनिट्स की कॉपी लेने का अधिकार है। इसके बावजूद मिनिट्स की कॉपी नहीं दी जा रही। मिनिट्स की कॉपी सोशल मीडिया पर कैसे लीक हुई इसकी जांच होनी चाहिए। इस अवसर परपा र्षद हिमांशु शर्मा, गौरव सोलंकी, शिवम शर्मा, ओम प्रकाश ओढ, पूर्व पार्षद डॉ मनोज गोयल, पूर्व पार्षद जाकिर सैफी, पवन गौतम और राधेश्याम त्यागी मौजूद रहे। कर निर्धारण की जांच और टैक्स से छूटी संपत्ति का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण कराया जा रहा है। पांचों जोन में सर्वेक्षण का काम चल रहा है। सर्वेक्षण पूरा होने पर शहरी क्षेत्र की हर संपत्ति टैक्स के दायरे में आ जाएगी।
गाजियाबाद शहर की कॉलोनियों और सोसाइटियों में कर निर्धारण की जांच शुरू




