गाजियाबाद। मंगलवार की सुबह यूपी के गाजियाबाद की अजनारा इंटीग्रिटी सोसाइटी हत्या की एक खौफनाक वारदात से दहल उठी। सोसाइटी के अपने फ्लैट फ्लैट में दो बेटियों के साथ रह रही रूबी चौधरी नाम की महिला को उसके पति ने गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर लौग दौड़े तो किचन में रूबी की लाश पड़ी थी। मामले की खबर पुलिस को दी गई और रूबी की 11 साल की बेटी ने बताया कि पापा ने मम्मी को गोली मार दी। इससे पहले दोनों के बीच काफी झगड़ा भी हुआ था। रूबी का पति विकास सहलावत फिलहाल फरार है।पुलिस ने रूबी चौधरी की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर मामले की तफ्तीश शुरू की, तो कई चौंकाने वाली बातों का खुलासा हुआ। तफ्तीश में पता चला कि रूबी और उसका पति विकास दोनों ही मोदीनगर थाने के गैंगस्टर हैं। जांच के दौरान दोनों का क्रिमिनल रिकॉर्ड सामने आया है। विकास और रूबी पर हत्या, हत्या की साजिश समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।जानकारी के मुताबिक, साल 2019 में रूबी के भाई दीपेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी हत्या का आरोप पास के ही अक्षय सांगवान पर लगा। दीपेंद्र और अक्षय के पिता, दोनों की शराब ठेके के पास कैंटीन थी। इसी को लेकर उनमें विवाद था। नामजद रिपोर्ट होने पर अक्षय को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। उसी समय दीपेंद्र की बहन रूबी ने कसम खाई कि वो अक्षय को मारकर अपने भाई की हत्या का बदला लेगी।मोदीनगर थाना प्रभारी ने बताया कि उसी वक्त से रूबी अपने पति पर अक्षय की हत्या कराए जाने के लिए दबाव बना रही थी। जब अक्षय जमानत पर छूटकर जेल से वापस आया तो रूबी ने सुपारी किलर को छह लाख रुपए देकर उसकी हत्या करा दी और खुद फरार हो गई। इस मामले में पुलिस ने रूबी के साथ उसके पति विकास, अरुण, हनी त्यागी और चिंटू फफराना को भी नामजद किया था। तमाम दबिशों के बाद भी रूबी पुलिस के हाथ नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने इन सभी के ऊपर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया और ठीक 13 दिन बाद रूबी को गिरफ्तार कर लिया गया।
कौन थी रूबी चौधरी, भाई के हत्यारे को मिटाने की खाई थी कसम!




