फरीदाबाद। जिले के सेक्टर 15 स्थित स्टेट बैंक की शाखा में बिना लॉकर मालिक को सूचना दिए लॉकर तोड़ने के मामले में पुलिस ने बैंक की तत्कालीन मैनेजर सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन बैंक मैनेजर प्रीति कटारिया, एके सिंह, भावना नरवाल और वेंडर नीरज शर्मा शामिल हैं। नीरज शर्मा ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। शिकायतकर्ता डीसी गर्ग ने पुलिस को बताया कि वह पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनका सेक्टर 15 स्थित बैंक शाखा में खाता और लॉकर है, जिसकी फीस भी नियमित रूप से जमा की जाती रही है। उन्होंने लॉकर में करीब एक किलो सोना और लगभग तीन किलो चांदी के गहने रखे थे। करीब एक महीने पहले उनकी पत्नी नीलम लॉकर खोलने बैंक पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि वह लॉकर उनके नाम पर दर्ज नहीं है। जब उन्होंने लॉकर नंबर बताया तो बैंक कर्मचारियों ने कहा कि यह नंबर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है। इसके बाद गर्ग ने बैंक से लॉकर के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी पूछा कि लॉकर तोड़ते समय कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई, मगर बैंक की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए दस्तावेज और साक्ष्य बैंक अधिकारियों की भूमिका की ओर इशारा करते हैं और मामले की जांच आगे जारी है।
लॉकर तोड़ने के मामले में बैंक मैनेजर समेत 4 गिरफ्तार




