फरीदाबाद। यूजीसी बिल के विरोध में 8 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की घोषणा की गई है। इसको लेकर सेक्टर-8 स्थित महाराणा प्रताप भवन में देव सेना और अखिल भारतीय सनातन फेडरेशन ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर आंदोलन की रणनीति साझा की।
देव सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष Brij Bhushan Saini ने कहा कि प्रस्तावित यूजीसी बिल से समाज में असंतोष की स्थिति बन रही है। उनका मानना है कि इस कानून के लागू होने पर विभिन्न वर्गों के बीच वैचारिक मतभेद और टकराव बढ़ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने व्यापक सामाजिक सहमति के बिना ही इस बिल को आगे बढ़ाने की कोशिश की है। इसे उन्होंने “काला कानून” करार देते हुए कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण कानून से पहले सभी वर्गों से संवाद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय सनातन फेडरेशन से जुड़े देशभर के करीब 300 राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मुद्दे पर एकजुट हैं और सभी ने विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। साथ ही हिंदू समाज के लोगों से 8 मार्च को बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
नवयुवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Krishna Tyagi ने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उनके अनुसार यदि किसी कानून को लेकर बड़े स्तर पर असहमति सामने आ रही है तो उस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जाएगा।
राधा कृष्ण गो सेवा धाम से जुड़ी मंजू यादव ने भी बिल का विरोध करते हुए कहा कि समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखना जरूरी है और ऐसे किसी कदम से बचना चाहिए जिससे सामाजिक एकता प्रभावित हो। प्रेस वार्ता में मौजूद पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि 8 मार्च का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और प्रशासनिक नियमों का पालन किया जाएगा।




