फरीदाबाद। सेक्टर-24 के पास स्थित फैक्ट्री के बाहर वेल्डिंग से निकली चिंगारी से केमिकल के ड्रमों में आग इतनी भड़ककी की 35 से अधिक लोग झुलस गए। इसमें पांच फैक्ट्री के कर्मचारी, तीन पुलिसकर्मी और बाकी सड़क पर खड़े हुए तमाशबीन थे। जो आग को देखने के लिए एकत्र हुए थे। झुलसे हुए 12 लोगों को बादशाह खान अस्पताल और 23 लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। निजी अस्पताल से पांच लोगों को दिल्ली सफदरजंग रेफर कर दिया गया। यहां काम करने वाले कर्मचारी मनोज ने बताया कि कालका आयल कटर फैक्ट्री में सीएनसी मशीन से लोहे और स्टील की प्लेट काटने का काम होता है। उनकी फैक्ट्री के साथ में ही कई वर्कशॉप है। जो केमिकल बेचने का काम करती है। यह केमिकल स्टील और प्लेट काटने में प्रयोग होता है। वर्कशाप वालों ने केमिकल को भरकर सड़क किनारे रखा हुआ था। सोमवार शाम को चार बजे फैक्ट्री के बाहर ड्रम के पास खड़ी क्रेन में वेल्डिंग की जा रही है। इस दौरान एक चिंगारी ड्रम में गिर गई। चिंगारी के केमिकल के ड्रम में गिरते ही आग लग गई। आसपास मौजूद कर्मचारी आग को बुझाने में लग गए।इसी दौरान आग पूरी तरह से भड़क गई। आसपास रखे हुए दूसरे ड्रम भी फटने लगे। घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड और इआरवी को दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन आग काबू में नहीं आई। सड़क पर मौजूद लोग भी आग की चपेट में आ गए। वहीं झुलसे हुए लोगों को जब इआरवी के कर्मचारी बाहर निकालने लगे तो वह भी चपेट में आ गए। तीन पुलिसकर्मी आग की चपेट में आने से झुलस गए। सीएमओ जयंत अहूजा ने 35 लोगों के आग में झुलसने की पुष्टि की। आपात स्थिति के चलते छुट्टी पर गए डॉक्टरों को वापस बुला लिया गया है।उपायुक्त ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसके लिए कमेटी गठित होगी। आग लगने से मुजेसर के मनोज, लुकमान, अनीष, राकेश, संजय कालोनी के रहने वाले विपिन, रविंद्र, अशोक, सोनू, शीशपाल, प्रदीप सहित अन्य लोग शामिल थे। इसके साथ ही पुलिसकर्मी एसपीओ अभिषेक, पीएसआइ रवि और ड्राइवर अजनेश आग में लोगों को बचाने के दौरान झुलस गए।
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