कमरे में अंगीठी जलाकर न सोए, फरीदाबाद में सोते-सोते पूरा परिवार हो गया खत्म

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फरीदाबाद। कभी भी बंद कमरे में अंगीठी जलाकर न सोए। ऐसे में जान जा सकती है। ऐसा ही एक हादसा फरीदाबाद के सरूरपुर के स्ट्रीट नंबर आठ में एक घर में कोयले की अंगीठी से दम घुटने से पति, पत्नी और उनके पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। बुधवार को पुलिस ने डॉक्टरों के एक बोर्ड से तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया। डॉक्टरों ने साफ किया कि मौत का कारण फेफड़ों में कार्बन मोनोऑक्साइड जहर था। 21 साल के रमेश, उनकी पत्नी ममता और उनके पांच साल के बेटे को मंगलवार को उनके कमरे में मृत पाया गया। रमेश का छोटा भाई राजेश भी उसी कमरे में सो रहा था, लेकिन वह सुरक्षित था। राजेश ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने रात में अंगीठी नहीं जलाई थी। इससे मौत के कारण को लेकर पुलिस में कन्फ्यूजन हो गया। पुलिस ने बताया कि राजेश कमरे के दरवाजे के पास सो रहा था।ऐसा माना जा रहा है कि उसे कुछ ऑक्सीजन मिली, जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस राजेश से पूछताछ करेगी कि उसने उन्हें यह क्यों नहीं बताया कि वे अंगीठी जलाकर सोए थे। मृतक रमेश मजदूरी करता था और ममता हाउसवाइफ थी। रमेश बिहार के बक्सर ज़िले के सिमरी पुलिस स्टेशन इलाके के अवलक यादव का डेरा का रहने वाला था। उनकी शादी को सात महीने हुए थे। यह ममता की दूसरी शादी थी और छोटू उसकी पहली शादी का बेटा था। मंगलवार को दोपहर 12:36 बजे रमेश के भाई राजेश ने मकान मालिक परशुराम को फोन करके बताया कि उसका भाई और भाभी नहीं उठ रहे हैं। जब मकान मालिक कमरे में पहुंचा, तो उसने तीनों को बिस्तर पर मृत पाया। राजेश ने बताया था कि डिनर के बाद सब सो गए थे। वह सुबह करीब 6 बजे उठा और अपने भाई और भाभी को जगाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं उठे। उसे लगा कि ठंड के कारण वे गहरी नींद में सो रहे हैं, इसलिए उसने थोड़ा हलवा खाया, अपनी दवा ली और फिर सो गया। पुलिस सभी एंगलों से मामले की जांच कर रही है।

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