दिल्ली-एनसीआर। बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए शनिवार शाम से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-IV की कड़ी पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने पहले दिन में GRAP-III के नियम लागू किए थे, लेकिन हालात और बिगड़ने पर शाम को चौथा चरण लागू करना पड़ा।
GRAP-IV तब लागू किया जाता है जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 450 से ऊपर पहुंच जाता है, जिसे ‘सीवियर प्लस’ श्रेणी माना जाता है। शनिवार शाम दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हालात बेहद खराब रहे। आनंद विहार में AQI 488 और बवाना में 496 दर्ज किया गया, जिससे हवा सांस लेने के लिए खतरनाक स्तर पर पहुंच गई।
दिल्ली-एनसीआर में पहले से ही GRAP के स्टेज-I, II और III के नियम लागू हैं। अब स्टेज-IV के तहत अतिरिक्त सख्ती की गई है। इसके अंतर्गत आपात सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक, सड़कों पर पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग तेज किया जाएगा। खुले में कचरा, पत्ते या पराली जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना व सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण की गंभीरता के आधार पर GRAP के चारों चरण लागू किए जाते हैं। AQI 201-300 पर पहला चरण, 301-400 पर दूसरा, 401-450 पर तीसरा और 450 से ऊपर पहुंचने पर चौथा चरण लागू होता है।
शनिवार शाम दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में स्मॉग की मोटी परत नजर आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार राजधानी के 21 निगरानी स्टेशनों पर AQI 400 से अधिक दर्ज किया गया, जो बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है।




