नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एनडीआर यूनिट ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों को बिहार के बेगूसराय जिले से गिरफ्तार किया है। ये तीनों आरोपी पिछले कई महीनों से फरार थे और इनके खिलाफ अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट भी जारी किए जा चुके थे। शिकायतकर्ता अकबर ने बताया कि कुछ समय पहले हुए झगड़े के बाद आरोपी मनीष और राजेश ने उसे और उसके भाई राजा को जान से मारने की धमकी दी थी। 20 सितंबर 2025 को बवाना की जेजे कॉलोनी में यह धमकी हकीकत में बदल गई। आरोपी मनीष अपने भाइयों राजेश और राजा तथा अन्य साथियों के साथ शिकायतकर्ता के पक्ष पर हमला करने पहुंचा। इस दौरान अकबर के करीबी दोस्त बदशाह को चाकुओं से बेरहमी से गोद दिया गया। बदशाह मौके पर ही गिर पड़ा और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच आरके पुरम की एनडीआर टीम को इस केस की जांच सौंपी गई। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर यह पता चला कि आरोपी बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं और अंततः बिहार के बेगूसराय जिले में छिपे हुए हैं। इंस्पेक्टर विवेक मलिक और एसीपी उमेश बर्थवाल की निगरानी में गठित टीम ने 8 जनवरी 2026 को बिहार के बेगूसराय से तीनों आरोपियों मनीष, राजेश उर्फ हड्डी और राजा को धर दबोचा। पूछताछ में तीनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।पूछताछ में मनीष ने बताया कि कुछ महीने पहले अकबर और उसके भाई राजेश उर्फ हड्डी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसमें राजेश को चोट आई थी। इसी रंजिश में उन्होंने अकबर और उसके साथियों को खत्म करने की योजना बनाई और चाकुओं से हमला किया।
नरेला हत्याकांड के तीनों आरोपी बिहार से गिरफ्तार




