आधी रात को गुपचुप तरीके से मंदिर तोड़ने पहुंचे बुलडोजर, हंगामे के चलते लौटे

Must read

नई दिल्ली। दिल्ली के मयूर विहार में बुधवार को आधी रात कई बुलडोजर पहुंचे। उनकी प्लानिंग थी कि गुपचुप तरीके से यहां के तीन मंदिरों को तोड़ दिया जाए। लेकिन कुछ जागरुक लोग बाहर आ गए और हंगामा कर दिया। इसके बाद बुलडोजरों को उल्टे पांव लौटना पड़ा। हंगामे और नारेबाजी के बीच विधायक रवि नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अनिश्चित काल के लिए कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इसके बाद डीडीए की टीम लौट गई। मयूर विहार फेज 2 के संजय झील पार्क में 3 मंदिर बने हुए हैं। डीडीए के हॉर्टिकल्चर विभाग की तरफ से इन मंदिरों को अवैध बताया गया है। डीडीए का कहना है कि मंदिरों को ग्रीन बेल्ट में बनाया गया है। मंदिर के बाहर नोटिस भी चस्पा किया गया था। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों के साथ डीडीए की टीम कई बुलडोजर लेकर पहुंच गई। डीडीए के हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट की ओर से चिकाए गए नोटिस में कहा गया है कि 25 अक्टूबर 2024 को रिलिजियस कमिटी की प्रिंसिपल सेक्रेट्री की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें कमिटी ने डीडीए को अतिक्रमण और अवैध तरीके से बनाए गए धार्मिक ढांचों को हटाने की सिफारिश की थी। नोटिस में कहा गया था कि 20 मार्च को संजय लेक ग्रीन एरिया में बनाए गए धार्मिक ढांचों को हटाया जाएगा। भारी सुरक्षा और बुलडोजर को देखकर स्थानीय लोग भड़क उठे। मंदिरों में घंटी बजाते हुए बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित कर लिया गया। मौके पर भारी विरोध प्रदर्शन होने लगा। स्थानीय विधायक रवि नेगी भी मौके पर पहुंच गए। हंगामे के बीच उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बात की। इसके बाद विधायक ने लोगों से शांत होने की अपील करते हुए कहा कि सीएम ने इस कार्रवाई पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। इसके बाद डीडीए की टीम लौट गई और लोग शांत हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर 40 साल पुराने हैं।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article