नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है जो कई बार निर्वासित होने के बावजूद वर्षों से अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। आरोपी की पहचान इब्राहिम (36) और उसके भाई सफरुद्दीन (38) के रूप में हुई है। इब्राहिम बाहरी दिल्ली में बस गया था, उसने एक भारतीय महिला से शादी की और जाली दस्तावेज उपलब्ध कराकर 17 लाख रुपये का बैंक लोन भी लिया। इस लोन का इस्तेमाल कैंटर ट्रक खरीदने में किया गया, जिसका इस्तेमाल उसने शहर में कचरा परिवहन के लिए किया और इस व्यवसाय से अनुमानित मासिक आय अर्जित कर रहा था। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि पीरागढ़ी के पास जेजे कॉलोनी में कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए छिपे हुए हैं, जिसके बाद वहां छापा मारा गया। 10 मार्च को सुबह करीब 5-6 बजे इब्राहिम और उसके भाई सफरुद्दीन को पकड़ लिया गया। ये दोनों अपने परिवारों के साथ वहीं रहते थे। दोनों भाई कई सालों से अपने परिवारों के साथ बाहरी दिल्ली की झुग्गियों में रह रहे थे जांच के दौरान पता चला कि इब्राहिम और सफ़रुद्दीन पहली बार 2002 में अपने माता-पिता के साथ भारत आए थे, लेकिन अपने माता-पिता के बांग्लादेश लौटने के बाद यहीं रह गए। दोनों को पहले भी भारतीय अधिकारियों ने निर्वासित किया था, लेकिन वे उसी रास्ते से वापस आते रहे। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इब्राहिम ने फ़र्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके बैंक लोन कैसे हासिल किया और उसके बच्चों ने एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में कैसे दाखिला लिया।
दिल्ली पुलिस ने दो बांग्लादेशी नागरिकों को किया गिरफ्तार




