दिल्ली। जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की कंस्ट्रक्शन साइट पर खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार युवक की मौत के मामले में दर्ज FIR में बड़ा खुलासा हुआ है। FIR के मुताबिक घटनास्थल पर कोई वॉर्निंग साइन, बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर या लाइटिंग नहीं थी। इसके अलावा वहां कोई सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं किया गया था। पुलिस के अनुसार गड्ढे को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुला छोड़ दिया गया था, जिससे हादसा हुआ।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कंस्ट्रक्शन साइट के एक सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि राजेश को हादसे की जानकारी घंटों पहले दे दी गई थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की।
यह हादसा 5 फरवरी की देर रात हुआ था, जब कमल ध्यानी (25) दिल्ली जल बोर्ड की कंस्ट्रक्शन साइट पर खोदे गए गड्ढे में गिर गया था। 6 फरवरी सुबह करीब 8 बजे PCR कॉल मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना का पता चला।
जनकपुरी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत FIR दर्ज की गई है। FIR में कहा गया है कि दिल्ली जल बोर्ड और ठेकेदार को यह पता था कि सार्वजनिक सड़क पर बिना सुरक्षा उपायों के खुला गड्ढा छोड़ना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद कोई इंतजाम नहीं किए गए।
FIR के अनुसार एक महिला ने PCR कॉल कर बताया था कि एक बाइक सवार करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया है और उसे तुरंत मदद की जरूरत है। पुलिस मौके पर पहुंची तो एक अज्ञात युवक को उसकी मोटरसाइकिल के साथ गड्ढे में पड़ा पाया गया। गड्ढा करीब 20 फीट लंबा, 13 फीट चौड़ा और लगभग 14 फीट गहरा बताया गया है।
पुलिस ने फायर ब्रिगेड की मदद से युवक को बाहर निकाला और PCR वाहन से दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल ने बताया कि युवक को MLR नंबर 18001552602102/26 के तहत मृत घोषित किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में युवक के एपिगैस्ट्रिक क्षेत्र में खरोंच जैसी चोट का उल्लेख किया गया है।
मृतक की पहचान कमल ध्यानी, पिता नरेश चंद ध्यानी, निवासी पालम कॉलोनी के रूप में हुई।
पुलिस ने बताया कि साइट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने उसी रात एक जूनियर स्टाफ को सूचना दी थी कि कोई व्यक्ति गड्ढे में गिर गया है। इसके बाद जूनियर स्टाफ ने रात करीब 12:22 बजे राजेश प्रजापति को फोन कर मौके पर बुलाया था। पुलिस के मुताबिक राजेश मौके पर पहुंचा और गड्ढे में एक मोटरसाइकिल देखी, लेकिन उसने गड्ढे के अंदर जाकर जांच नहीं की और न ही किसी तरह की मदद या सूचना देने की कोशिश की।
इस मामले पर दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को कहा कि सरकार ने लापरवाही के आरोप में तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ लापरवाही का केस भी दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस घटना पर गहरा दुख है और मुख्यमंत्री खुद पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि सड़क पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सड़क की मरम्मत में तेजी लाने के लिए दिल्ली पुलिस, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, DJB और PWD अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया है।
अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने जल बोर्ड के इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी चल रही कंस्ट्रक्शन साइट्स का निरीक्षण करें और सुरक्षा सुधार के कदम जल्द उठाएं। वहीं, एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पीड़ित परिवार को जल्द ही 10 लाख रुपए तक मुआवजा दिया जा सकता है।
परिवार ने दिल्ली जल बोर्ड पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और मौत को लेकर गड़बड़ी की आशंका भी जताई है।




