भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने श्रम कानून सुधार पर जोर दिया

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राइटमेन सर्विसेज के निदेशक आलोक कुमार ने कार्यक्रम का संयोजन किया

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2025 – मानव संसाधन परामर्श एवं प्रशिक्षण कंपनी, राइटमेन सर्विसेज इंडिया द्वारा बुधवार को नई दिल्ली में “भारत में श्रम कानून सुधार – विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने का मार्ग” विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, विधि एवं न्याय मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, डॉ. मनोज कुमार और स्कोप के अध्यक्ष एवं एनबीसीसी के सीएमडी, के.पी. महादेवस्वामी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।राइटमेन सर्विसेज के निदेशक एवं टीएचएस – द लॉ फर्म के प्रबंध भागीदार, आलोक कुमार ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। 2019 और 2020 में लागू किए गए चार नए श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन में देरी की चुनौतियों का समाधान तलाशने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, कॉर्पोरेट नेताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने एक दिवसीय विचार-विमर्श में भाग लिया।अपने उद्घाटन भाषण में अटॉर्नी जनरल ने प्रगति के साथ सम्मान को संतुलित करने की आवश्यकता पर बल दिया और भारत के श्रम कानूनों को आकार देने वाले वैचारिक आधारों पर विचार-विमर्श किया। डॉ. मनोज कुमार ने कानून निर्माण में शामिल सावधानीपूर्वक परामर्श और पारदर्शिता पर जोर दिया और सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्यों में क्षमता निर्माण का आह्वान किया। के.पी. महादेवस्वामी ने सभी हितधारकों के लाभ के लिए कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन को सुनिश्चित करने में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की भूमिका पर प्रकाश डाला।इसके बाद तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनकी अध्यक्षता आयुष गुप्ता (निदेशक-मानव संसाधन, गेल इंडिया), ए.के. शर्मा (निदेशक-कार्मिक, एसजेवीएन लिमिटेड) और आर.पी. सिंह (निदेशक-मानव संसाधन एवं विधि, इफको) ने की। कॉर्पोरेट क्षेत्रों, शिक्षा जगत और ट्रेड यूनियनों के वक्ताओं ने दीर्घकालिक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन की तात्कालिकता पर चर्चा की।जहाँ कई हितधारकों ने शीघ्र कार्यान्वयन पर ज़ोर दिया, वहीं ट्रेड यूनियनों ने चिंताएँ व्यक्त कीं। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के प्रतिनिधियों ने वेतन संहिता और सामाजिक सुरक्षा संहिता के तत्काल कार्यान्वयन का समर्थन किया, साथ ही अन्य दो संहिताओं की समीक्षा भी की। एटक (एआईटीयूसी) के प्रतिनिधियों ने सभी चार श्रम संहिताओं की समीक्षा का आह्वान किया। आम सहमति यह थी कि हितधारकों के दृष्टिकोण को संतुलित करते हुए और राष्ट्रीय आर्थिक हित के अनुरूप एक व्यावहारिक कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए।कार्यक्रम में महारत्न और नवरत्न सार्वजनिक उपक्रमों जैसे पावरग्रिड कॉर्पोरेशन, गेल इंडिया, आरईसी, एचएएल, एसजेवीएन, एनएचपीसी, एनबीसीसी, बीईएमएल, कॉनकॉर, सीईएल के साथ-साथ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक जैसे प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों और इफको तथा इंडियन पोटाश जैसी सहकारी समितियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन राइटमेन सर्विसेज इंडिया के सीईओ विनोद बिहारी ने किया, जिन्होंने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन दिया।

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