ओडिशा। भारत ने बुधवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से अपनी पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल 5 हजार किलोमीटर तक मार कर सकती है और मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस है, जिससे यह एक साथ कई टारगेट्स पर हमला करने में सक्षम है। यह 29,401 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकती है, डेढ़ टन तक न्यूक्लियर हथियार ले जा सकती है और कैनिस्टर आधारित लॉन्चिंग सिस्टम से कहीं भी आसानी से तैनात की जा सकती है। चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के भूमिगत बंकरों और हथियार ठिकानों को निशाना बनाने के लिए यह मिसाइल भारत की रक्षा क्षमता को और मजबूत करेगी।
भारत ने अग्नि-5 का सफल परीक्षण, एक साथ कई टारगेट पर वार करने में सक्षम




